Babaji Ki Sakhi Radha Soami Ji I कहानी - सिमरन से बड़ा कुछ नही

Radha Soami Satsang Beas Hindi Sakhi 2020

Babaji ki sakhi dera beas in hindi story 

 मनुष्य को निरन्तर प्रभू चिंतन करते रहना चाहिए।प्रभू चिंतन करते रहने से मनुष्य कष्टों से दूर रहता है, उसकी एकाग्रता बढ़ती है और परमात्मा उसे अधिक सहज ,सहिष्णु बना देता है।जिस कारण वह दूसरे लोगो की सेवा भी कर पाता है।

पढिये कथा। 


एक व्यापारी था वह बहुत सम्पन्न था उसके पास रहने के लिए एक महलनुमा बहुत बड़ा घर था। सभी तरह की सुख सुविधा उसके पास थी।किन्तु फिर भी वह सुख सुविधाओं से दुर बहुत ही साधारण तरीके से जीवन जीता था । वह सदैव प्रभू का चिंतन करता और गरीबों की सेवा तथा जरूरतमंदों की सहायता करता था।

एक रोज एक बहुत बड़े महात्मा व्यापारी से मिलने उसके महलनुमा घर मे उससे मिलने आये थे। उस समय व्यापारी गरीबो से सम्बंधित सहायता की योजना बना रहा था। कि किस प्रकार उपलब्ध साधनों से मै अधिक से अधिक लोगो की सहायता कर सकू। तभी महात्मा व्यापारी से बोले,सेठ जी आपके पास तमाम सुख सुविधा है, किन्तु फिर भी आप इतनी सादगी से रहकर धन भी कमाते हैं, गरीबो की सेवा भी करते,और प्रभु चरणों मे ध्यान भी लगा लेते हैं। यह सब आप कैसे करते हैं।

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सेठ बोला, महात्मन आप गलत समय पर आए हैं, मै अभी व्यस्त हूँ। आप तब तक ऐसा करें कि ये माला लीजिए और और इसको जपते जपते मेरा महलनुमा घर देख आये,परन्तु ध्यान रहे,पूरे महल को देखते देखते,यह माला पूरी होनी चाहिए। थोड़ी देर बाद महात्मा वापस आये उनसे पूछा, महात्मा जी मेरा महल कैसा लगा। महात्मा बोले सेठ जी महल तो मै देख ही नही पाया,क्योंकि मेरा सारा ध्यान इस माला को जपने में ही लगा रही,

सेठ बोला, महात्मा इसी प्रकार मै सुख सुख सुविधाओं की ओर ध्यान ही नही देता,मेरा तो ध्यान अधिक से अधिक धन अर्जित करके गरीबो की सेवा में लगाना है।
 Radha soami sangat ji, Dhan wahi safal hai jo jruratmand ki sewa me lgaya jaye, 
Ayiye is sakhi ko share krke sabki sewa krne ka wachan le.
Radha soami ji

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Radha soami hindi story- Simran se bada kuch nhi, Babaji ki sakhi dera beas


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