सिमरन करते वक्त इन गलतियों से बचो। Things to Avoid While Simran


Mistakes To Avoid In Bhajan Simran
 राधास्वामी मित्रों 
गुरु प्यारी साध संगत जी राधा स्वामी जी।
भजन सिमरन हमारे जीवन का एक अटूट हिस्सा है, हमें रोज रात को सोने से पहले और सुबह उठने के बाद भजन सिमरन अवश्य करना चाहिए।
 जैसे हम खाना खाते हैं भजन सिमरन को भी उसी तरीके से अपने जीवन से जोड़ना चाहिए।
जैसे हम खाने के बिना नहीं रह सकते वैसे ही हमें भजन सिमरन को भी अपने जीवन में मानना चाहिए ।
भजन सिमरन करते वक्त जाने अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं ।
भजन सिमरन करते वक्त हमें निम्नलिखित गलतियों को करने से बचना चाहिए ।
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1. कभी भी बिस्तर पर बैठकर भजन सिमरन नहीं करना चाहिए भजन सिमरन हमेशा जमीन पर बैठकर छोटी गद्दी या चद्दर लगाकर करना चाहिए इससे कभी भी आलस्य नहीं आएगा और आप सिमरन को भरपूर समा दे पाएंगे
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2. भजन सिमरन कभी भी शरीर को बिना ढके नहीं करना चाहिए भजन सिमरन करते वक्त अपने शरीर को किसी पतली शॉल या कपड़े से ढक लें इससे आपको मक्खी मच्छर तंग नहीं करेंगे और आप के भजन सिमरन में रुकावट नहीं बनेगी शुरू शुरू में आपको गर्मी लग सकती है लेकिन धीरे-धीरे इसकी आदत पड़ जाएगी
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3. मन में किसी इच्छा को लेकर कभी भी भजन सिमरन नहीं करना चाहिए अपने मन को इच्छाओं से मुक्त करके ही उस प्रभु का नाम लेना चाहिए अगर आप किसी चीज की इच्छा रखकर भजन सिमरन कर रहे हैं तो आप व्यापार कर रहे हैं लेकिन याद रखिए आप को व्यापार नहीं प्रेम करना है
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4. अपनी मनमर्जी के तरीके से सिमरन  ना करें जैसा सद्गुरु ने तरीका समझाया है वैसे ही सिमरन करें अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट को जरूर पढ़ें - जानिए कैसे करना है भजन सिमरन
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5. सिमरन करते वक्त मुख से कोई शब्द ना निकाले अगर आप नाम शब्द का जाप कर रहे हैं तो वह आप के मुख से सुनाई नहीं देना चाहिए उस जाप को अपनी जिह्वा से से नहीं अपने हृदय से करें

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6. याद रखें जब आप सिमरन करने बैठोगे तो आपका मन इधर-उधर भागेगा कुछ गलत विचार आएंगे कुछ अच्छे विचार हैं आएंगे कुछ दुखी यादें ताजा होंगी कुछ अच्छी खुशी भरी यादें भी ताजा होंगी लेकिन आपको अपना मन भटकने नहीं देना है आपको अपने मन को स्थिर करना है और उस तीसरे नेत्र तीसरे तिल पर टिकाना है।
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7. सिमरन का सबसे उचित समय रात को 8:00 से 10:30 और सुबह 3:00 से 5:30 है वैसे आप कभी भी सिमरन कर सकते हैं लेकिन यह समय सबसे उचित है और आपको सुबह 3:00 से 5:30 ही सिमरन करना है क्योंकि इससे ही अमृतवेला कहा जाता है जब हमारी सुरत पूरी तरह से जागृत होती है सुबह सिमरन करने का फायदा यह भी है कि आपका पूरा दिन अच्छा निकलता है और आपके अंदर एक नई उर्जा भरी रहती है।
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8. कभी भी मन में द्वैत और द्वेष की भावना रखकर सिमरन ना करें। गुरु के हुक्म पर चलने से पहले अपने सभी द्वैत सुलझा लें किसी के बारे में मन में द्वेष रखना आपको अपने पद से दूर ले जा सकता है इसलिए सब से प्रेम करें हमेशा खुश रहे नकारात्मक ऊर्जा को अपने से जितना दूर हो सके उतना दूर रखें।
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9.  सबके सामने सिमरन ना करें जितना हो सके एकांत में ही सिमरन करें इससे आपके मन में अहंकार की वृद्धि होगी।
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10. किसी को दिखाने के लिए सिमरन कभी ना करें इससे मात्र आप अपना समय बर्बाद कर रहे होंगे याद रखें सिमरन का मकसद अपने अंदर से खुद को ढूंढना है ना की किसी बाहर वाले को प्रभावित करना
Things to Avoid while practicing Bhajan Simran.
 Radha Soami to everyone.
friends bhajan Simran is an integral part of our life we have to do bhajan Simran two times in a day, in night and in early morning while doing bhajan Simran try to avoid these mistakes

1. don't do bhajan Simran on bed do it on flat ground, practicing bhajan Simran on bed can cause laziness.

2.  don't do bhajan Simran without covering your body with thin shawl it will protect you from flies and mosquitoes which can cause disturbance in your practice.

3.  Don't do bhajan Simran to fulfill your materialistic wishes you are doing Simran not business.

4. Don't do bhajan Simran as per your convenience do it the way master taught you for further guidance read this post.

5. Don't chant anything while doing Simran do bhajan Simran silently chant naam shabd through your heart not tongue



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