बाबाजी के जन्म की अद्भुत कहानी। Radha Soami Sakhi


जब बाबा गुरिंदर सिंह जी का जन्म हुआ तब एक बहुत ही अद्भुत घटना हुई।
 बाबा जी ने पैदा होने के 3 दिन तक अपनी आंखें नहीं खोली इस पर डॉक्टर बहुत ही आश्चर्यचकित हो गये।
 बाबा जी के पिताजी ने बड़े महाराज जी को बुलाया बड़े महाराज जी ने आते ही बाबा जी को अपनी बाहों में लिया, और अपनी उंगली शहद में डुबोकर उनके मुंह में डाली और बोले," अब तो आंखें खोलो " 
इतना सुनते ही बाबा जी ने अपनी आंखें खोल ली।
 जब बाबा जी 5 वर्ष के थे तब वह ब्यास गए उन्होंने सबको सत श्री अकाल बुलाई पर बड़े महाराज जी को सत श्री अकाल नहीं बुलाई इस पर उनकी माता श्री ने बाबा जी को बोला," अपने मामा जी को सत श्री अकाल बुलाओ" लेकिन बाबा जी ने अपनी माताजी की बात को ऐसे अनसुना कर दिया जैसे उन्हें उनकी बात सुनाई ही ना दी हो इस पर उनकी माता जी को बहुत गुस्सा आया।
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 इसपर बड़े महाराज जी बोले "बहन रहने दो यह मेरे से गुस्सा है "
इस पर माताजी बोली कि हम अभी तो व्यास आए हैं यह आपसे किस बात पर गुस्सा हो गया ।
तब बड़े महाराज जी बोले," यह गुस्सा अब का नहीं है यह संसार में आना नहीं चाहता था लेकिन मैं इसे लेकर आया इसीलिए यह मेरे से गुस्सा है "।
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बाबा जी की लीला बाबा की जाने एक बार बड़े महाराज जी ने कहा था कि मैं तो सब से प्रेम से सिमरन करवाता हूं लेकिन डंडे वाली सरकार आएगी जो सभी को डंडे से सिमरन करवाएगी और साथियों प्रेम से सिमरन किया करो नहीं तो डंडा तो है ही।



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