सत्संग में नींद । Satsang me neend | Radha Soami Sakhi

सत्संग में नींद आ जाती है 



सत्संग का प्रोग्राम खत्म
                     हो चुका था .....

कैंटीन में एक नवविवाहित जोड़ी  आई....,और ,,,
फ्रूटी पर ऊंगली रख देने का ईशारा किया ... फिर एक बिस्किट पर.......!

इशारे से कीमत पूछी......
ईशारे से ही कीमत बता दी ,,,
   उसने दुर खडे अपने पति को ताली बजा कर बुलाना चाहा पर असफल रही......
मुसकरा के मेरी और देखा। उसकी प्यारी सी मुस्कान और असफल प्रयास से थोडा मन भर आया.......
फिर मैंने किसी को आवाज देकर उसके पति को इधर बुलवाया  पता चला कि वह भी बोल और सुन नहीं सकता था......

दोनो की मीठी सी नौक झौक चल पडी,,,,,
लड़की फ्रूटी पीना चाहती थी। लेकिन रात के मौसम अनुसार लड़का मना कर रहा था ...दोनो बड़े ही प्यारे से लग रहे थे.....!
  उस समय मुझे यह सबसे cute सा झगड़ा लगा ...

थोड़ी ही देर में मैं उनके  इशारो की भाषा समझने लगा ,,, 
 फिर लडकी ने पुछा (पेपर पैड पर लिख कर)आज का सत्संग सुना था सतगुरु जी , कितना अच्छा समझा रहे थे।
मैंने लिखा नहीं हमे सिर्फ 20/30minutes ही मिलते हैं सुनने को।............
अभी यह लिख ही रहा था कि दिमाग एकदम कौंध गया।

मैंने पूछा कि आप दोनों बोल और सुन नहीं सकते तो फिर..........???????
उन दोनों  ने एक दुसरे की तरफ मुस्कराते हुए देखा ।फिर पेपर पर लिखा ....

   "" lip reading .....

ओ मेरे सतगुर .....पूरे बदन पर रौंगटे खड़े हो गये, हे सच्चे पातशाह मुझ जैसे न शुक्रे को, जिसको सारे अंग सही सलामत बखशे सत्संग में नींद आ जाती है।
और यह दोनो ..... लगभग  45minutes का सत्संग बिना ध्यान भटकाए बिना पलक झपके सिर्फ आपके होंठो को ही देखते रहते हैं ।

    मन को जैसे कोई जोर से चाबुक मार रहा हो ,,  .......................सिर्फ उन दो प्यारी सी रूहों को ही दैखता  रह गया ,,,, 
जो बिना एक लफज बोले ही इतनी बडी सीख दे गये और प्यारी सी आपस में नोक झोंक करते हुए मेरी आंखों से धीरे धीरे औझल हो गये ।

            

         🙏🏻Rsji....🙏🏻

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