भगवान की भक्ति क्यों ? Why to Pray God ? Radha Soami Sakhi

🌹किसने दिया ?🌹
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 राजा अकबर ने बीरबल से पूछा कि तुम लोग सारा दिन भगवान की भक्ति करते हो, सिमरन करते हो ,उसका नाम लेते हो।
 आखिर भगवान तुम्हें देता क्या है ?
बीरबल ने कहा कि महाराज मुझे कुछ दिन का समय दीजिए ।
बीरबल एक बूढी भिखारन के पास जाकर कहा कि मैं तुम्हें पैसे भी दूँगा और रोज खाना भी खिलाऊंगा, पर तुम्हें मेरा एक काम करना होगा ।  
बुढ़िया ने कहा ठीक है - जनाब  
बीरबल ने कहा कि आज के बाद 
-अगर कोई तुमसे पूछे कि क्या चाहिए तो कहना अकबर, 
-अगर कोई पूछे किसने दिया तो कहना अकबर शहंशाह ने ।   
वह भिखारिन अकबर को बिल्कुल नहीं जानती थी, पर वह रोज-रोज हर बात में अकबर का नाम लेने लगी ।  
कोई पूछता -
-क्या चाहिए तो वह कहती अकबर,  
-कोई पूछता किसने दिया, तो कहती अकबर मेरे मालिक ने दिया है । 
धीरे धीरे यह सारी बातें अकबर के कानों तक भी पहुँच गई ।  
वह खुद भी उस भिखारन के पास गया और पूछा यह सब तुझे किसने दिया है ? 
तो उसने जवाब दिया, मेरे शहंशाह अकबर ने मुझे सब कुछ दिया है ।
फिर पूछा और क्या चाहिए ? 
तो बड़े अदब से भिखारन ने कहा - अकबर का दीदार, मैं उसकी हर रहमत का शुक्राना अदा करना चाहती हूँ, बस और मुझे कुछ नहीं चाहिए ।

अकबर उसका प्रेम और श्रद्धा देख कर निहाल हो गया और उसे अपने महल में ले आया ।
भिखारन तो हक्की बक्की रह गई और अकबर के पैरों में लेट गई, धन्य है मेरा शहंशाह 👏
अकबर ने उसे बहुत सारा सोना दिया, रहने को घर, सेवा करने वाले नौकर भी दे कर उसे विदा किया । 
तब बीरबल ने कहा  महाराज यह आपके उस सवाल का जवाब है ।   
जब इस भिखारिन ने सिर्फ केवल कुछ दिन  सारा दिन आपका ही नाम लिया तो आपने उसे निहाल कर दिया - इसी तरह जब हम सारा दिन सिर्फ मालिक को ही याद करेंगे तो वह हमें अपनी दया मेहर से निहाल और मालामाल कर देगा जी।
 जीवन में निरंतर प्रभु स्‍मरण की आदत बनानी चाहिए । यह सबसे आवश्‍यक और जरूरी साधन है । जीवन भर प्रभु का स्‍मरण हर पल, हर लम्‍हें रहना चाहिए । इससे हमारा अन्‍त सुधर जायेगा, हमारी गति सुधर जायेगी ।
 परमात्मा ना गिनकर देता है
ना तौलकर देता है
परमात्मा जिसे भी देता है
दिल खोलकर देता है
टेक ले माथा परमात्मा के चरणों में
नसीब का बंद ताला भी खुल जायेगा
जो नहीं भी मांगा होगा
*"ईश्वर"* के दर से
बिन मांगे मिल जायेगा
Radha soami g
Simran kro ji
Saakhi achi lge to comment krke btayein

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