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Showing posts from May, 2018

Behtareen Jeevan Ki Chabi | बेहतरीन जीवन दर्शन की चाबी

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जरूर पढ़ना है, चाहे 5 मिनट लगें 👇🏾👇🏾👇🏾👇🏾👇🏾👇🏾👇🏾एक बेहतरीन जीवन-दर्शन का अग्रेषित मैसेज….!😊 क्या हम बिल्डर्स, इंटीरियर डिजाइनर्स, केटरर्स और डेकोरेटर्स के लिए कमा रहे हैं ??? हम बड़े बड़े क़ीमती मकानों और बेहद खर्चीली शादियों से किसे इम्प्रेस करना चाहते हैं ??? क्या आपको याद है कि, दो दिन पहले किसी की शादी पर आपने क्या खाया था ??? जीवन के प्रारंभिक वर्षों में क्यों हम पशुओं की तरह काम में जुते रहते हैं ??? कितनी पीढ़ियों के खान पान और लालन पालन की व्यवस्था करनी है हमें ??? हम में से अधिकाँश लोगों के दो बच्चे हैं। बहुतों का तो सिर्फ एक ही बच्चा है। और सारे सक्षम योग्य साबित होंगें ! हमारी जरूरत कितनी हैं और हम पाना कितना चाहते हैं ??? इस बारे में सोचिए। क्या हमारी अगली पीढ़ी कमाने में सक्षम नहीं है जो, हम उनके लिए ज्यादा से ज्यादा सेविंग कर देना चाहते हैं !?! क्या हम सप्ताह में डेढ़ दिन अपने मित्रों, अपने परिवार और अपने लिए स्पेयर नहीं कर सकते ??? क्या आप अपनी मासिक आय का 5 % अपने आनंद के लिए, अपनी ख़ुशी के लिए खर्च करते हैं ???
*सामान्यतः जवाब नहीं में ही होता है। हम कमाने के साथ साथ आनंद भी…

Kuch ankahi batein| कुछ अनकही बातें|

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Kuch Ankahi batein Satguru ke liye Radha soami g share jrur krenमेरी हर सांस में तू है,,
मेरी हर ख़ुशी में तू है,,
तेरे बिन ज़िन्दगी कुछ नहीं,,
क्योकि मेरी पूरी ज़िन्दगी ही तू !!!
तू ही तू मेरे “गुरुजी” तू ही तू 5 छिद्रों वाले घड़े को कैसे भरेंगे ? गुरु ने मुस्कान के साथ उत्तर दिया -पानी में ही डूबा रहने दो ;भरा ही रहेगा ! इसी तरह हमारी 5 इन्द्रियाँ परमात्मा में ही डूबी रहेंगी तो संसार क्या बिगाड़ लेगा तन की जाने, मन की जाने,
जाने चित की चोरी । उस प्रभु से क्या छिपावे
जिसके हाथ है सब की डोरी ॥ “जब भी शांति आयेगी, “नाम” से ही आयेगी। ‘नाम’ के बराबर दुनिया मेँ कोई कीमती चीज नहीँ है
जो ‘नाम’ की कमाई नहीं करते, उन्हें क्या पता कि ‘नाम’ कैसी दौलत है
यह “नाम रुपी दौलत” जीते-जी भी साथ है और मरने के बाद भी साथ है
सिवाय ‘नाम’ के, और कोई भी चीज हमारे साथ नहीं जाती” Aur bhi padhen – कदमों के निशान साखी ❗वो कागज की दौलत ही क्या❓
जो पानी से गल जाये और
आग से जल जाये दौलत तो दुआओ की होती हैं
न पानी से गलती हैं
न आग से जलती हैं…
आनंद लूट ले बन्दे,
प्रभु की बन्दगी का।
ना जाने कब छूट जाये,
साथ जिन्दगी का।। प्रीत लगाओ सतगुरु से जग…

बूढ़े बाप का दर्द। Boodhe Baap Ka Dard|

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पापा पापा मुझे चोट लग गई खून आ रहा है5 साल के बच्चे के मुँह से सुनना था
कि पापा सब कुछ छोड़ छाड़ कर
गोदी में उठाकर एक किलो मीटर की दूरी पर क्लिनिक तक भाग भाग कर ही पहुँच गए दुकान कैश काउंटर सब नौकर के भरोसे छोड़ आये सीधा डाक्टर के केबिन में दाखिल होते हुए डॉक्टर को बोले
देखिये देखिये डॉक्टर
मेरे बेटे को क्या हो गया डॉक्टर साहब ने देखते हुए कहा
अरे भाई साहब घबराने की कोई बात
है मामूली चोट है…. ड्रेसिंग कर दी है

ठीक हो जायेगी। डॉक्टर साहब कुछ पेन किलर लिख देते दर्द कम हो जाता । अच्छी से अच्छी दवाईया लिख देते ताकि
जल्दी ठीक हो जाये घाव भर जाये
*डाक्टर* अरे भाई साहब क्यों इतने परेशान हो रहे हो कुछ नहीं हुआ है
3-4दिन में ठीक हो जायेगा पर डॉक्टर साहब इसको रात को नींद तो आजायेगी ना ।
*डॉक्टर* अरे हाँ भाई हाँ आप चिंता मत करो। बच्चे को लेकर लौटे तो नौकर बोला सेठ जी आपका ब्रांडेड महंगा शर्ट खराब हो गया खून लग गया अब
ये दाग नही निकलेंगे *भाई साहब* कोई नहीं
ऐसे शर्ट बहुत आएंगे जायेंगे मेरे बेटे का खून बह गया वो चिंता खाये जा रही है कमजोर नहीं हो जाये । तू जा एक काम कर थोड़े सूखे मेवे फ्रूट ले आ इसे खिलाना पड़ेगा और मैं …

Jab Maharaj Sawan Singh JI Ko Gussa Aya | जब महाराज सावन सिंह जी को गुस्सा आया

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Maharaj Sawan Singh ji Ki Sakhiबाबा सावन सिंह जी एक बार पहाड़ी इलाके में सत्संग करने के लिए गए, वहां पर लोग जात पात को बहुत मानते हैं वहां पर सत्संग घर बन रहा था और रोज सेवा होती थी, रोज लंगर बनता था |
वहां पर बाबा जी ने 2 घंटे सत्संग फ़रमाया और सत्संग करने के बाद बाबा जी ने संगत को बोला कि अगर किसी को कुछ पूछना है तो पूछ सकता है, संगत में आदमी रोते हुए उठा और बोला की बाबा जी मैं छोटी जात का हूँ जिस वजह से मुझ से यहाँ पर कोई अच्छे से बात नहीं करता और ना ही कोई सेवा करने का मौका देता है , मैंने सोचा था के मालिक के घर सब बराबर है लकिन ऐसा नहीं है, मैं आपसे पूछना चाहता हूँ की यहाँ पर ऐसा भेदभाव क्यों किया जाता है | बाबा जी ने बड़े सख्त शब्दों में कहा कोई नहीं जब तक मालिक बड़ी जात वालों को छोटी जात में जन्म नहीं देता, ये बड़ी जात वाले नहीं सुधरेंगे
बाबा जी के गुस्से वाले यह अल्फ़ाज़ सुन कर सबने बाबा जी के आगे हाथ जोड़ लिए और माफ़ी मांगी | Ye bhi padhen – Sansarik Sukh hi Dukh ka Karan haiबाबा जी ने फरमाया कि अगर हम किसी इंसान को नीचा समझते हैं या उसको नफरत करते है तो याद रखो कि हम उस मालिक को ही नफर…