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Saakhi- Sansarik Sukh hi Dukh ka Karan Hai | 5 अजगर और आदमी।


🙏बाबा जग फाथा महाजाल,गुर परसादी उबरे सच्चा नाम सँभाल
एक इंसान घने जंगल में भागा जा रहा था।
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शाम हो गई थी।
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अंधेरे में कुआं दिखाई नहीं दिया और वह उसमें गिरने लगा।
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गिरते-गिरते कुएं पर झुके पेड़ की एक डाल उसके हाथ में आ गई। जब उसने नीचे झांका, तो देखा कि कुएं में पांच अजगर मुंह खोले उसे देख रहे हैं |
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जिस डाल को वह पकड़े हुए था, उसे दो चूहे कुतर रहे थे।
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इतने में एक हाथी आया और पेड़ को जोर-जोर से हिलाने लगा।
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वह घबरा गया और सोचने लगा कि हे भगवान अब क्या होगा ?
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उसी पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा था।
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हाथी के पेड़ को हिलाने से मधुमक्खियां उडऩे लगीं और शहद की बूंदें टपकने लगीं।
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एक बूंद उसके होठों पर आ गिरी। उसने प्यास से सूख रही जीभ को होठों पर फेरा, तो शहद की उस बूंद में गजब की मिठास थी।
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कुछ पल बाद फिर शहद की एक और बूंद उसके मुंह में टपकी।
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अब वह इतना मगन हो गया कि अपनी मुश्किलों को भूल गया।
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तभी उस जंगल से  भगवान अपने वाहन से गुजरे।
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भगवान  ने उसके पास जाकर कहा - मैं तुम्हें बचाना चाहता हूं। मेरा हाथ पकड़ लो।
उस इंसान ने कहा कि एक बूंद शहद और चाट लूं, फिर चलता हूं।
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एक बूंद, फिर एक बूंद और हर एक बूंद के बाद अगली बूंद का इंतजार।
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आखिर थक-हारकर भगवान् चले गए।
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मित्रों..
वह जिस जंगल में जा रहा था,
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वह जंगल है 👉दुनिया,
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अंधेरा है 👉अज्ञान
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5 अजगर हैं👉 काम, क्रोध, लोभ, मोह,अहंकार
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पेड़ की डाली है 👉आयु
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दिन-रात👉दो चूहे उसे कुतर रहे हैं।
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घमंड👉मदमस्त हाथी पेड़ को उखाडऩे में लगा है।
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शहद की बूंदें👉सांसारिक सुख हैं, जिनके कारण मनुष्य खतरे को भी अनदेखा कर देता है.....। 


Ye bhi padhen - भगवान भक्ति नहीं त्याग है
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यानी,
सुख की माया में खोए मन को कोई भी नहीं बचा सकता......।
🙏🙏🙏🙏🌹🌹Radha Soami Sakhi🌹🌹🙏🙏🙏🙏

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कुर्बानी के बिना मालिक नहीं मिलता। Radha soami sakhi

संतों की एक सभा चल रही थी 

किसी ने एक दिन एक घड़े में गंगाजल भरकर वहां रखवा दिया ताकि संत जन जब प्यास लगे तो गंगाजल पी सकें

संतों की उस सभा के बाहर एक व्यक्ति खड़ा था. उसने गंगाजल से भरे घड़े को देखा तो उसे तरह-तरह के विचार आने लगे

वह सोचने लगा- अहा ! यह घड़ा कितना भाग्यशाली है !

एक तो इसमें किसी तालाब पोखर का नहीं बल्कि गंगाजल भरा गया और दूसरे यह अब सन्तों के काम आयेगा

संतों का स्पर्श मिलेगा, उनकी सेवा का अवसर मिलेगा. ऐसी किस्मत किसी किसी की ही होती है

       Also read - अल्लाह की मर्जी

घड़े ने उसके मन के भाव पढ़ लिए और घड़ा बोल पड़ा- बंधु मैं तो मिट्टी के रूप में शून्य पड़ा था

किसी काम का नहीं था. कभी नहीं लगता था कि भगवान् ने हमारे साथ न्याय किया है

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Latest Satsang dera beas 24-June-2018| सत्संग डेरा ब्यास

Satsang dera beas 24-June-2018

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जो जो ब्यास नहीं जा सका वो सत्संग यहां पढ़ो जी। और अपने प्रिय जनो के साथ शेयर भी करो जी।

Published by- RadhaSoamiSakhi.org

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-सत्संग के कुछ अंश

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हमारा मन मैला हो चुका है, और जैसे किसी मैले बर्तन में कुछ भी डालो वो गंदगी का हिस्सा बन जाती है ठीक वैसे ही अगर इस मैले मन मे प्रभु कृपा कर भी दें तो वो भी गंदगी और मैल का ह…

जानिए कैसे करना है भजन सिमरन। Radha soami sakhi

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पर सही तरीका क्या है ? 
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1. सिमरन हमेशा छुप कर करना चाहिए। खुद को ढक लेना चाहिए, ताकि हमें कोई देख न सके और हम बिना किसी बाधा के सिमरन कर सके।

2. सिमरन सुबह 3 बजे उठकर, नहा धोकर करना चाहिए, नहाना इसलिए जरूरी है ताकि सुस्ती न आ सके, और कोई खास कारण नही है।

3. रात को भोजन संयम से करना चाहिए ताकि ज्यादा नींद न आये और हम रात को भी सिमरन कर सकें।

4. खाना हमेशा शाकाहारी और हल्का फुल्का होना चाहिए, ताकि शरीर बीमारियों से बचा रहे।

5. किसी भी प्रकार के नशे का सेवन वर्जित है।

6. प्रेम करें, मोह नहीं।

7. अपने अन्दरूनी रहस्यों को कभी दूसरों को न बताएं, इससे आपकी ही दौलत कम होगी।

8. क्रोध को कोसों दूर रखें। क्रोध और सिमरन ये उलट है।
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9. सतगुरु का चिंतन हमेशा करते रहे। एक पल के लिए भी नाम को न भूलें।

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