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Showing posts from December, 2017

जब कबीर जी ने माता लोई का सौदा किया। Radha Soami Sakhi

कबीर साहिब भारत के महान संतो में से एक हुए है। उनके बारे में Parmarthi Sakhiyan में एक साखी दर्ज है।

कबीर साहिब कपड़ा बुनने का काम करते थे। आमदनी बहुत कम थी पर मालिक पर विश्वास पूरा।
एक बार घर मे कुछ मेहमान आ गए। घर मे खाने को अन्न का दाना नहीं था।
माता लोई जी कबीर जी से बोली, घर मे अन्न का दाना नहीं है। मेहमान तो भगवान का साक्षात रूप है उन्हें भूखा कैसे जाने दे।
कबीर जी ने कहा कि चलो बनिये से कुछ उधार ले आते है, कपड़ा बिकते ही चुकता कर देंगे। माता लोई ने हामी भरी और कबीर जी चल दिये।
बनिये की दुकान पर गए तो बनिये ने पहले का हिसाब गिना दिया और आगे उधार देने से मना कर दिया।
कबीर जी ने बनिये को बहुत मिन्नतें की।
बनिये के मन मे पाप आ गया।
वो कबीर जी से बोला " देख कबीर , मैन तुझे पहले ही बहुत उधर दे रखा है। और उधार सिर्फ एक ही शर्त पर दूँगा।
कबीर जी, " वो क्या शर्त है, मुझे सब मंजूर है"।
बनिया, "आपकी पत्नी लोई मुझे एक रात के लिए दे दो, तब मैं उधार दे दूंगा"।
कबीर जी ने तुरंत हामी भरी और वादा करके जरूरत का सब सामान लेकर घर पहुंचे।
माता लोई को सब बताया, ये सब सुनकर माता लोई जी गुस…