Posts

Showing posts from November, 2017

कर्ण ही दानवीर क्यों, मैं क्यों नही। कृष्ण और अर्जुन की साखी। Radha Soami Sakhi

Image
एक बार की बात है कि श्री कृष्ण और अर्जुन कहीं जा रहे थे ।

रास्ते में अर्जुन ने श्री कृष्ण से पूछा कि प्रभु – एक जिज्ञासा है  मेरे मन में, अगर आज्ञा हो तो पूछूँ ?

श्री कृष्ण ने कहा – अर्जुन , तुम मुझसे बिना किसी हिचक , कुछ भी पूछ सकते हो ।

तब अर्जुन ने कहा कि मुझे आज तक यह बात समझ नहीं आई है कि दान तो मै भी बहुत करता हूँ परंतु सभी लोग कर्ण को ही सबसे बड़ा दानी क्यों कहते हैं ?

यह प्रश्न सुन श्री कृष्ण मुस्कुराये और बोले कि आज मैं तुम्हारी यह जिज्ञासा अवश्य शांत करूंगा ।

🌤श्री कृष्ण ने पास में ही स्थित दो पहाड़ियों को सोने का बना दिया ।

इसके बाद वह अर्जुन से बोले कि हे अर्जुन इन दोनों सोने की पहाड़ियों को तुम आस पास के गाँव वालों में बांट दो ।

अर्जुन प्रभु से आज्ञा ले कर तुरंत ही यह काम करने के लिए चल दिया ।

उसने सभी गाँव वालों को बुलाया ।

उनसे कहा कि वह लोग पंक्ति बना लें अब मैं आपको सोना बाटूंगा और सोना बांटना शुरू कर दिया ।

गाँव वालों ने अर्जुन की खूब जय जयकार करनी शुरू कर दी ।

अर्जुन सोना पहाड़ी में से तोड़ते गए और गाँव वालों को देते गए ।

लगातार दो दिन और दो रातों तक अर्जुन सोना बांटते …

ज्यादा पैसा सेवा छुड़वा देता है। Radha Soami Sakhi

Image
बाबा सावन सिहँ जी के समय की बात है। डेरा ब्यास में लंगर के लिये सब्जी अमृतसर से लाई जाती थी दोपहर बाद दो या तीन सेवादार सब्जी लेने जाते थे ।और शाम तक आ जाते थे ,मण्डी में एक सेवादार भाई था जो उनको सब्जी दिलवाकर उन्हे गाड़ी में बैठा देता था |  एक दिन उनकी गाड़ी छूट गई और उन्हे उस सेवादार के घर रुकना पडा़ जो भाई मण्डी से उन्हे सब्जी दिलवाता था वह भाई बहुत गरीब था ,जब वे सेवादार रात को खाना खा रहे थे तो सब्जी में नमक कम था जब सेवादार भाईयों ने नमक मांगा तो घर में उस दिन नमक खत्म हो गया था, उसने दूकान से नमक लाने की सोची तो घर में पैसे भी नही थे ,उस भाई ने नमक न होने पर सेवादारों से माफी मांगी कि आपको बिना नमक का खाना पडा सेवादार बोले कोई बात नही वीर जी हम वैसे ही खा लेंगे। अगली सुबह वे सब्जी लेकर डेरा ब्यास आ गये,जब वे सेवादार बाबा सावन सिहँ से मिले तो अर्ज़ किया कि मण्डी वाला भाई कितनी सेवा करता है ,उसके भाग्य में थोड़े नमक के लिये पैसे तो लिख देते । संत दयावान होते है ,बाबा जी बोले अच्छा ये बात है कोई नी दे देने हां । अगले कुछ ही दिनो में मालिक की ऐसी कृपा हुई उस भाई की खाली पडी जमीन क…