Satsang dera beas 2/07/2017 | सत्संग डेरा ब्यास


Satsang Dera Beas 2/07/2017

जो भाई बहन आज दिनांक 2 जुलाई 2017 का *बाबा* *जी* का सतसंग किसी कारणवश attend नहीं कर पाये उनके लिये ----

 १. जो जीव आत्माएं *बाबा* *जी* का आज का सतसंग नहीं सुन पाए वो एक विशेष रूहानी अनुभव से वंचित रह गये जिस अनुभव को शब्दों में ब्यान करना नामुमकिन है !
 २. आमतौर पर *बाबा* *जी* स्टेज पर चौकडी लगा कर सतसंग फरमाते है मगर आज उन्होंने स्टेज पर रखी कुर्सी पर बैठकर सतसंग फरमाया !
३. *बाबा* *जी* आमतौर पर डेढ घंटा सतसंग फरमाते हैं मगर आज उन्होंने आधा ही वक्त यानि सिर्फ ४५ मिनट ही सतसंग फरमाया !
४. आज *बाबा* *जी* ने सतसंग के लिये कोई शब्द नहीं लिया ! आज उन्होंने " विश्वास "  को अपने सतसंग का विषय बनाते हुए फरमाया कि हम जीवों को ना तो उस *कुल* *परमात्मा* पर विश्वास है ना ही अपने *गुरू* पर और ना ही अपने आप पर ! हम सिर्फ सुनी सुनाई पढी पढाई बातो पर विश्वास करते हैं ! खुद का कोई अनुभव नहीं जो इस विश्वास को मज़बूत कर सके !
५. *बाबा* *जी* ने फरमाया कि संतो का काम संगत को एक कार्यावाही से हटाकर दूसरी कार्यावाही में लगा देना नहीं होता ! पूरा सतसंग तो कोई विरला ही सुनता है वरना लोग सतसंग के बीच में से ही उठकर जाने लगते हैं और कुछ तो सतसंग के बीच में ही सो जाते हैं ! लोग सतसंग सुनने के लिए कम और snack bar में पकवान खाने की मंशा से अधिक आते हैं ! ६. *बाबा* *जी* फरमाया कि गिनती तो सियासतदानों के लिए महत्तवपूर्ण होती है ! संत महात्मा संगत की गिनती नहीं quality देखते हैं !
७. आगे *बाबा* *जी* ने फरमाया कि जितने मर्ज़ी सतसंग सुन लो , जितनी मर्ज़ी बाहरी सेवा कर लो , जितने मर्ज़ी ग्रंथ पोथियां पढ लो .. जब तक गुरू के बताए मार्ग ( भजन सिमरन ) पर नहीं चलते , गुरु की खुशी हासिल नहीं कर सकते !
८. *बाबा* *जी* ने फरमाया कि कुछ लोग मुझसे सवाल करते हैं कि आप जो सतसंग की शुरूआत में जो मत्था टेकते हो क्या वो ritual ceremony जैसा नहीं ? मगर वो ये नहीं पूछते कि मैं माथा टेकता किसको हूं ?  *सतगुरू* ने फरमाया कि मैं संगत में जो परम पिता परमात्मा बिराजमान है उसको मत्था टेकता हूं !
 ९. *सतगुरू* ने फरमाया कि जीवों के *कुल* *मालिक* ने जो बख्शा है उसका कभी शुक्रिया अदा नहीं करते , और मांगने पर ही सारा ज़ोर रहता है ! *बाबा* *जी* ने फरमाया कि जब तक कार का ड्राईवर कहीं ले चलने को तैयार ना हो , आप कितनी बडी कार में क्यों ना बैठे रहो अपनी मंज़िल पर नहीं पहुंच सकते !
१०. सतसंग के अंत में हर बार *सतगुरू* अगले सतसंग की announcement करते हुये फरमाते हैं कि जिन्होंने भी आना हो बडी खुशी से आ सकते हैं मगर इस बार उन्होंने बिना कुछ बताए " *राधा* *स्वामी* कहकर सतसंग समाप्त कर दिया !
भूल चूक के लिए प्यारे *सतगुरू* से क्षमाप्रार्थी  🙏🙏🙏🙏🙏

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