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Showing posts from July, 2017

देने वाला कौन ?? Radha Soami Sakhi

देने वाला कौन ?


आज हमने भंडारे में भोजन करवाया। आज हमने ये बांटा, आज हमने वो दान किया...
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 हम अक्सर ऐसा कहते और मानते हैं। इसी से सम्बंधित एक अविस्मरणीय कथा सुनिए...
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एक लकड़हारा रात-दिन लकड़ियां काटता, मगर कठोर परिश्रम के बावजूद उसे आधा पेट भोजन ही मिल पाता था।
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एक दिन उसकी मुलाकात एक साधु से हुई। लकड़हारे ने साधु से कहा कि जब भी आपकी प्रभु से मुलाकात हो जाए, मेरी एक फरियाद उनके सामने रखना और मेरे कष्ट का कारण पूछना।
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कुछ दिनों बाद उसे वह साधु फिर मिला। 
लकड़हारे ने उसे अपनी फरियाद की याद दिलाई तो साधु ने कहा कि- "प्रभु ने बताया हैं कि लकड़हारे की आयु 60 वर्ष हैं और उसके भाग्य में पूरे जीवन के लिए सिर्फ पाँच बोरी अनाज हैं। इसलिए प्रभु उसे थोड़ा अनाज ही देते हैं ताकि वह 60 वर्ष तक जीवित रह सके।"
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समय बीता। साधु उस लकड़हारे को फिर मिला तो लकड़हारे ने कहा---
"ऋषिवर...!! अब जब भी आपकी प्रभु से बात हो तो मेरी यह फरियाद उन तक पहुँचा देना कि वह मेरे जीवन का सारा अनाज एक साथ दे दें, ताकि कम से कम एक दिन तो मैं भरपेट भोजन कर सकूं।"
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अगले दिन साधु ने कुछ ऐसा किया कि लकड़हारे के घर ढ़ेर सारा अ…

साखी भगत कबीर जी। Radha Soami Sakhi

भगत जी,आज घर मे खाने को कुछ नही है,आटा, नमक,दाल, चावल,गुड़ शक्कर सब खत्म हो गया है,शाम को बाजार से आते हुए घर के लिए राशन का सामान लेते आईयेगा,,


कन्धे पर कपड़े का थान लादे,हाट बाजार जाने की तैयारी करते हुए,भगत कबीर जी को माता लोई जी ने सम्बोधन करते हुए कहा

देखता हूँ,लोई जी,अगर कोई अच्छा मूल्य मिला,तो निश्चय ही घर मे आज धन धान्य आ जायेगा
कबीर जी ने उत्तर दिया


सांई जी,अगर अच्छी कीमत ना भी मिले तब भी इस बुने थान को बेच कर कुछ राशन तो ले आना,घर के बड़े बूढ़े तो भूख बर्दाश्त कर लेंगे पर कमाल ओर कमाली अभी छोटे हैं, उनके लिए तो कुछ ले ही आना

जैसी मेरे राम की इच्छा,


ऐसा कह के कबीर हाट बाजार को चले गए

बाजार में

उन्हें किसी ने पुकारा

वाह सांई,कपड़ा तो बड़ा अच्छा बुना है,ठोक भी अच्छी लगाई है,तेरा परिवार बसता रहे,ये फकीर ठंड में कांप कांप कर मर जाएगा,दया के घर मे आ,ओर रब के नाम पर 2 चादरे का कपड़ा इस फकीर की झोली में डाल दे

2 चादरे में कितना कपड़ा लगेगा फकीर जी?

फकीर ने जितना कपड़ा मांगा, इतेफाक से कबीर जी के थान में कुल कपड़ा उतना ही था

कबीर जी ने थान फकीर को दान कर दिया

दान करने के बाद,जब घर लौटने लगे तो उनके सामने …

New Dera beas question answer | Radha soami sakhi

1.लड़का – बाबा जी आज से 2 -3 साल पहले में काफी देर तक भजन सिमरन कर लेता था और आपसे प्यार भी बहुत करता था, लेकिन अब मन भजन सिमरन में नही लगता और आपसे प्यार भी कम हो गया है । इसका क्या कारण है?
बाबा जी – अच्छा अब किससे प्यार हो गया है, जो मुझसे कम प्यार हो गया है।(sangat laughs)
बेटा प्यार कभी भी कम या ज्यादा नही होता है। ये बंट जाता है। जितना हम अपना ख्याल बाहर फैलाएंगे हमारा प्यार मालिक से कम होगा।
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2.लड़का – बाबा जी मुझे अपना PA(Personal assistant) बना लो।
बाबाजी – भई क्यों, मै तो PA रखता नही।
लड़का – तो बाबा जी security guard रख लो।
बाबाजी – पर बेटा जो पहले है, क्या वो सेवा ठीक से नही कर रहे।
लड़का – तो बाबा जी Secretary बनालो।
बाबाजी – भाई जाकर Secretary साहब से बात करलो की आप हटो मुझे Secretary बनना है। (संगत ज़ोर से हंसी)
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3.लड़की – बाबाजी मुझे किसी कनाडा के लड़के से शादी करनी है, और वो भी 2 या 3 साल के अंदर। आप मेरी शादी कनाडा में करवा दो।
बाबाजी – क्यों बेटा पंजाब लड़को में क्या कमी है।
लड़की – नही बाबाजी मुझे तो कनाडा में ही शादी करनी है।
बाबाजी – …

वचनों को समझने की देर। Radha Soami Sakhi

। बहुत ही सुन्दर कहानी ।

एक राजा था जिसे राज भोगते काफी समय हो गया था बाल भी सफ़ेद होने लगे थे ।
एक दिन  उसने अपने दरबार मे उत्सव रखा और अपने गुरु तथा मित्र देश के राजाओ को भी सादर आमंत्रित किया ।
उत्सव को रोचक बनाने के लिए राज्य की सुप्रसिद्ध नर्तकी को भी बुला भेजा ।
राजा ने कुछ स्वर्ण मुद्राए अपने गुरु को दी ताकि नर्तकी के अच्छे गीत नृत्य पर वे उसे पुरस्कृत कर सके ।

सारी रात नृत्य चलता रहा । सुबह होने वाली थीं, नर्तकी ने देखा कि मेरा तबले वाला ऊँघ रहा है, उसको जगाने के लियें नर्तकी ने एक दोहा पढ़ा,

*"बहु बीती, थोड़ी रही,*
                 *पल पल गयी बिहाई ।*
*एक पलक के कारने,*
                 *ना कलंक लग जाई।"*

अब इस दोहे का अलग अलग व्यक्तियों ने अलग अलग अपने अपने अनुरूप अर्थ निकाला ।

तबले वाला सतर्क हो बजाने लगा।
जब ये बात गुरु ने सुनी, गुरु ने सारी मोहरे उस मुज़रा करने वाली को दे दी ।

वही दोहा उसने फिर पढ़ा तो राजा के लड़की ने अपना नवलखा हार दे दिया ।

उसने फिर वही दोहा दोहराया तो राजा के लड़के ने अपना मुकट उतारकर दे दिया ।

वही दोहा दोहराने लगी राजा ने कहा बस कर एक दोहे …

कदमों के निशान। Radha Soami Sakhi

Radhasoami ji
कदमों के निशान

एक सत्संगी डेरे में खूब सेवा किया करता था। महाराज जी ने उसकी सेवा भक्ति से खुश होकर उससे मिलने को कहा। उससे बाबाजी ने कहा कि तुम अपनी सेवा का क्या सिला चाहते हो तो उसने कहा की बाबाजी आप हर दम मेरे साथ रहना पर बाबाजी ने कहा की मुझे तो यहाँ और भी बहुत काम होते है मैं हरदम कैसे तेरे साथ रह सकूँगा पर वो नहीं माना और हट पे अड़ गया।

फिर बाबाजी ने कहा ठीक है मैं रहूँगा हर दम तेरे साथ, तभी सारे सेवादार हैरान रह गए की अभी तो बाबाजी ने कहा था की उन्हें बहुत काम होते है और अभी वो इस भले बन्दे के साथ हर दम कैसे ??

बाबाजी ने कहा की बन्दे मैं तेरे साथ तो हरदम रहूँगा तो उसने कहा की मैं कैसे यकीन करलू की आप हरदम मेरे साथ रहेंगे तो बाबाजी ने कहा की तू जहाँ एक कदम चलेगा वहाँ तेरे कदमो के निशाँ के साथ मेरे कदमो के निशाँ भी तुझे दिखेंगे।

वो खुश होकर चल पड़ा। कई साल बीत गए और वो जहाँ जहाँ चले वहाँ वहाँ उसे अपने कदमो के साथ दो कदम और दिखाई दे।
 मगर एक दिन वो चल रहा था तो उसने देखा की रोज़ तो दो कदम और दिखते थे पर आज तो केवल दो ही कदम ऐसा क्यों?? उसका वक्त भी खराब चल रहा था, व्यापार म…

साखी सरदार बहादुर जगत सिंह जी।Radha Soami Sakhi

लगभग एक या डेढ़ साल पहले बाबा जी ने व्यास के सत्संग में सरदार बहादुर महाराज जगत सिंह जी की एक साखी सुनाई,

बाबा जी ने कहा की "एक दफा सरदार बहादुर जी ने किसी
सेवक को बुलाकर कहा की यह तस्वीर सामने उस दीवार पर लगा दे,
तो अब क्यूंकि जहाँ तस्वीर लगानी थी वह जगह थोडी ऊंची थी इसलिए वह सेवक कोई मेज़ या स्टूल देखने लगा तो हुजुर ने कहा के मेरे पलंग पर चढ़ के तस्वीर लगा दे, उस सेवक ने कहा के हुजुर इस पलंग पर तो आप सोते हो मैं इस पर पैर कैसे रख सकता हूँ,
फिर हुजुर ने कहा की चल तो फिर उस कुर्सी पे ही चढ़ के लगा दे तो इस बार फिर उस सेवक ने वही जवाब दोहराया की हुजुर उस कुर्सी पे तो आप बैठते हो भला मैं उस पर पाँव कैसे रख सकता हूँ,
फिर वह सेवक बाहर से कोई स्टूल लाया और उस पर चढ़ कर तस्वीर को लगा दिया और बोला  की  "हुजुर और कोई हुक्म" तो हुजुर ने कहा की बेटा तूने मेरे पलंग और कुर्सी पर तो  पाँव नही रखा लेकिन मेरी जुबान पर पाँव जरूर रख दिया"
Aur bhi padhen - Prathmikta

दरअसल बाबा जी हमें इस साखी के जरिये एक ही बात समझाना चाहते थे की संतों का एक ही हुक्म होता है की भजन सुमिरन करो लेकि…

What is the Size Of God ?? RADHA SOAMI SAKHI

What's​ the size of God?   Worth reading

A boy asked the father: _What’s the size of God?_
Then the father looked up to the sky and seeing an airplane asked the son: What’s the size of that airplane?
The boy answered: It’s very small. I can barely see it.
Also read -
 So the father took him to the airport and as they approached an airplane he asked: And now, what is the size of this one?
The boy answered: Wow daddy, this is huge! Then the fathsakhier told him: Like this is God, His size depends on how distant you are from Him.
The closer you are to Him, the greater He will be in your life!

राबिया बसरी की साखी। Rabia Basri ki sakhi Radha Soami G

राबिया बसरी एक महशूर फ़क़ीर हुई है! जवानी में वह बहुत खूबसूरत थी | एक बार चोर उसे उठाकर ले गए और एक वेश्या के कोठे पर ले जाकर उसे बेच दिया | अब उसे वही कार्य करना था जो वहाँ की बाक़ी औरते करती थी |

इस नए घर में पहली रात को उसके पास एक आदमी लाया गया | उसने फौरन बातचीत शुरू कर दी | ' आप जैसे भले आदमी को देखकर मेरा दिल बहुत खुश है " वह बोली | ' आप सामने पड़ी कुर्सी पर बैठ जाये , में में थोड़ी देर परमात्मा की याद में बैठ लूँ | अगर आप चाहे तो आप भी परमात्मा की याद में बैठ जाएँ | 'यह सुनकर उस नवजवान की हैरानी की कोई हद न रही |
 वह भी राबिया के साथ ज़मीन पर बैठ गया | फिर राबिया उठी और बोली ' मुझे विश्वास है की अगर में आपको याद दिला दूँ की एक दिन हम सबको मरना है तो आप बुरा नही मानोगे | आप यह भी भली भाँति समझ ले की जो गुनाह करने की आपके मन में चाहा है , वह आपको नर्क की आग में धकेल देगा | आप खुद ही फैसला कर ले की आप यह गुनाह करके नर्क की आग आग में कूदना चाहते है या इससे बचना चाहते है|'
यह सुनकर नवजवान हक्का बक्का रह गया| उसने संभलकर कहा, ऐ नेक और पाक औरत, तुमने मेरी आँखे …

Relation Between Me And My Master। Authored By Saurabh Sharma

Relation between me and my MasterTwo words about article Originaly authored by Mr. Saurabh Sharma a young , talented , dedicated writer. And published to appreciate and encourage his precious work. Do share to encourage his as well


“Guru Gobind Do Khade Kake Lagoon Paun,
Balihari Guru Apke Jo Gobind Diyo Bataye”
                        -Saint Kabir Jee


The term master signifies someone, who is knowledgeable and responsible for transmission of that knowledge with the zealous pupil. But in this context, I shall qualify an adjective before it, i.e. ‘Spiritual’. The relation is therefore between me and my spiritual master. The spiritual master is one who not only educates his keen followers about the importance and purpose of one’s life but also create a bond between themselves. This bond is of special importance, though many scriptures and holy books around the world have already talked about it. It is this bond which though forged in material world, had hardly to do anything with this material worl…

Satsang dera beas 2/07/2017 | सत्संग डेरा ब्यास

Satsang Dera Beas 2/07/2017 जो भाई बहन आज दिनांक 2 जुलाई 2017 का *बाबा* *जी* का सतसंग किसी कारणवश attend नहीं कर पाये उनके लिये ----

 १. जो जीव आत्माएं *बाबा* *जी* का आज का सतसंग नहीं सुन पाए वो एक विशेष रूहानी अनुभव से वंचित रह गये जिस अनुभव को शब्दों में ब्यान करना नामुमकिन है !
 २. आमतौर पर *बाबा* *जी* स्टेज पर चौकडी लगा कर सतसंग फरमाते है मगर आज उन्होंने स्टेज पर रखी कुर्सी पर बैठकर सतसंग फरमाया !
३. *बाबा* *जी* आमतौर पर डेढ घंटा सतसंग फरमाते हैं मगर आज उन्होंने आधा ही वक्त यानि सिर्फ ४५ मिनट ही सतसंग फरमाया !
४. आज *बाबा* *जी* ने सतसंग के लिये कोई शब्द नहीं लिया ! आज उन्होंने " विश्वास "  को अपने सतसंग का विषय बनाते हुए फरमाया कि हम जीवों को ना तो उस *कुल* *परमात्मा* पर विश्वास है ना ही अपने *गुरू* पर और ना ही अपने आप पर ! हम सिर्फ सुनी सुनाई पढी पढाई बातो पर विश्वास करते हैं ! खुद का कोई अनुभव नहीं जो इस विश्वास को मज़बूत कर सके !
५. *बाबा* *जी* ने फरमाया कि संतो का काम संगत को एक कार्यावाही से हटाकर दूसरी कार्यावाही में लगा देना नहीं होता ! पूरा सतसंग तो कोई विरला ही…

प्राथमिकता। Radha Soami Sakhi

Prathmikta| Radha soami sakhiकिसी जंगल मे एक गर्भवती हिरणी थी जिसका प्रसव होने को ही था . उसने एक तेज धार वाली नदी के किनारे घनी झाड़ियों और घास के पास एक जगह देखी जो उसे प्रसव हेतु सुरक्षित स्थान लगा.
अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू होने लगी, लगभग उसी समय आसमान मे काले काले बादल छा गए और घनघोर बिजली कड़कने लगी जिससे जंगल मे आग भड़क उठी .
वो घबरा गयी उसने अपनी दायीं और देखा लेकिन ये क्या वहां एक बहेलिया उसकी और तीर का निशाना लगाये हुए था, उसकी बाईं और भी एक शेर उस पर घात लगाये हुए उसकी और बढ़ रहा था अब वो हिरणी क्या करे ?,
वो तो प्रसव पीड़ा से गुजर रही है ,
अब क्या होगा?,
क्या वो सुरक्षित रह सकेगी?,
क्या वो अपने बच्चे को जन्म दे सकेगी ?,
क्या वो नवजात सुरक्षित रहेगा?,
या सब कुछ जंगल की आग मे जल जायेगा?,
अगर इनसे बच भी गयी तो क्या वो बहेलिये के तीर से बच पायेगी ?
या क्या वो उस खूंखार शेर के पंजों की मार से दर्दनाक मौत मारी जाएगी?
जो उसकी और बढ़ रहा है,
उसके एक और जंगल की आग, दूसरी और तेज धार वाली बहती नदी, और सामने उत्पन्न सभी संकट, अब वो क्या करे?

लेकिन फिर उसने अपना ध्यान अपने नव आगंतुक को जन्म देने की और के…

शब्द और नाम की कमाई। Radha soami sakhi

Shabad aur naam ki kmaiशब्द और नाम की कमाई के बिना कोई उपाय नहीं है कि हम देह के बंधनों से छुटकारा पा सकें इसलिए सभी संत महात्मा केवल नाम का प्रचार एवं प्रसार करते हैं।
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गुरूमुखों की महिमा है नाम की कमाई करने से उनकी होंमैं की, मोह माया की बीमारी दूर हो जाती है। उनका मन निर्मल हो जाता है जिसके फलस्वरूप वह गुरूमुख बन जाते हैं या यूं कहा जा सकता है वह सच्चे गुरूमुख हो जाते हैं और उनका जन्म मरण के दुखों से सदा के लिए छुटकारा हो जाता है।
संत सतगुरु हमारे ख्यालों को नाम के साथ जोड़कर हमें देह के बंधनों से आजाद करके वापिस उस परमात्मा के साथ मिला देते है।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏