मृत्यु की तैयारी। Maut ki tyari - Radha soami sakhi


गुरु नानक जी के पास सतसंग में एक छोटा लड़का प्रतिदिन आकर बैठ जाता था।
एक दिन नानक जी ने उससे पूछाः- “बेटा, कार्तिक के महीने में सुबह इतनी जल्दी आ जाता है, क्यों?”
वह छोटा लड़का बोलाः- “महाराज, क्या पता कब मौत आकर ले जाये?”
नानक जीः- “इतनी छोटी-सी उम्र का लड़का, अभी तुझे मौत थोड़े मारेगी?
अभी तो तू जवान होगा, बूढ़ा होगा, फिर मौत आयेगी।
लड़का बोलाः- “महाराज, मेरी माँ चूल्हा जला रही थी, बड़ी-बड़ी लकड़ियों को आग ने नहीं पकड़ा तो फिर उन्होंने मुझसे छोटी-छोटी लकड़ियाँ मँगवायी।
माँ ने छोटी-छोटी लकड़ियाँ डालीं तो उन्हें आग ने जल्दी पकड़ लिया।
इसी तरह हो सकता है मुझे भी छोटी उम्र में ही मृत्यु पकड़ ले, इसीलिए मैं अभी से सतसंग में आ जाता हूँ।”
इसलिए जल्दी से परमात्मा से प्रेम करके जीवन सफल बना लो इन स्वांसो से बडा दगाबाज कोइ नही है, कहीं बाद मे पछताना ना पडे 

मृत्यु की तैयारी। Maut ki tyari - Radha soami sakhi मृत्यु की तैयारी। Maut ki tyari - Radha soami sakhi Reviewed by Vishal Kumar on June 16, 2017 Rating: 5

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