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Jo hai uska Shukar kro - Radha soami sakhi

एक भिखारी भूख – प्यास से त्रस्त
होकर
आत्महत्या की योजना बना रहा था ,
तभी वहां से
एक नेत्रहीन महात्मा गुजरे
| भिखारी ने उन्हें अपने मन
की व्यथा सुनाई
और कहा , ” मैं अपनी गरीबी से तंग
आकर
आत्महत्या करना चाहता हूँ |”
उसकी बात सुन महात्मा हँसे और
बोले , “ठीक
है, आत्महत्या करो लेकिन पहले
अपनी एक आंख
मुझे दे दो | मैं तुम्हे एक हज़ार
अशरफिया दूंगा | ” भिखारी चोंका |
उसने कहा ,
“आप कैसी बात करते हैं | मैं आंख
कैसे दे
सकता हूँ |”
महात्मा बोले, “आंख न सही , एक हाथ
ही दे दो ,
मैं तुम्हे एक हज़ार
अशरफिया दूंगा | ”
भिखारी असमंजस में पड़ गया |
महात्मा मुस्कराते हुए बोले, संसार
में सबसे
बड़ा धन निरोगी काया है | तुम्हारे
हाथ-पाव ठीक
है, शारीर स्वस्थ है, तुमसे
बड़ा धनी और कौन हो सकता है |
तुमसे गरीब
तो में हूँ कि मेरी आँखें नहीं हैं
मगर में
तो कभी आत्महत्या के बारे में
नहीं सोचता | भिखारी ने उनसे
छमा मांगी और
संकल्प किया कि वह कोई काम करके
जीवन-
यापन करेगा |

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हम सबको भजन सिमरन करने का हुक्म है।
पर सही तरीका क्या है ? 
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1. सिमरन हमेशा छुप कर करना चाहिए। खुद को ढक लेना चाहिए, ताकि हमें कोई देख न सके और हम बिना किसी बाधा के सिमरन कर सके।

2. सिमरन सुबह 3 बजे उठकर, नहा धोकर करना चाहिए, नहाना इसलिए जरूरी है ताकि सुस्ती न आ सके, और कोई खास कारण नही है।

3. रात को भोजन संयम से करना चाहिए ताकि ज्यादा नींद न आये और हम रात को भी सिमरन कर सकें।

4. खाना हमेशा शाकाहारी और हल्का फुल्का होना चाहिए, ताकि शरीर बीमारियों से बचा रहे।

5. किसी भी प्रकार के नशे का सेवन वर्जित है।

6. प्रेम करें, मोह नहीं।

7. अपने अन्दरूनी रहस्यों को कभी दूसरों को न बताएं, इससे आपकी ही दौलत कम होगी।

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संतों की उस सभा के बाहर एक व्यक्ति खड़ा था. उसने गंगाजल से भरे घड़े को देखा तो उसे तरह-तरह के विचार आने लगे

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