Skip to main content

Posts

Showing posts from February, 2017

सिमरन का महत्व

बडे महाराज बाबा सावन सिंह जी का एक सत्संगी ठाकर सिंह भजन नहीं करता
 था! एक दिन महाराज जी नें उसको कहा: "ठाकर सिंह; 15 दिन बाद तुमने चोला छोड देना है"!  अब वो बहुत घबराया और लगा प्रार्थना करने कि आप लेख में मेख मार दो! मैं अभी मरना नहीं चाहता! महाराज जी नें कहा: "ठाकर सिंह; मैं तो भाणे का फकीर हूं! जब मेरा जवान 32 साल का बेटा चोला छोड रहा था; मैंने तो तब भी बाबाजी से फरियाद नहीं की! तो अब तेरे लिये क्यों करूं? तू भजन कर"!
ठाकर सिंह नें कहा: "सच्चे पातशाह; सच्ची बात तो ये है कि मैंने कभी भजन किया ही नहीं".!
 महाराज जी नें कहा:"चल; अब 15 दिन हैं; अब कर ले! बैठने की जांच है कि भूल गया?"
उसनें कहा: "जी बैठने की जांच तो है"! महाराज नें उसको सामने बैठाया और कहा : "ध्यान कहां लगाना है; ये याद है कि नहीं?" ठाकुर सिंह ने कहा: "जी; वो तो भूल गया!"
 महाराज जी नें अपने हाथ का अँगूठा उसके माथे पे लगाकर कहा ;"यहां ध्यान लगाना है"! अँगूठा माथे पे लगते ही वो पीछे की तरफ गिर गया; और अँदर चला गया!
 जब बाहर आया; तो महाराज जी न…