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Showing posts from November, 2016

अनमोल सेवा

यह बात महाराज चरण सिंह जी के समय की है कि हिमाचल में महाराज जी का सत्संग प्रोग्राम था। उन दिनों सत्संग के बाद महाराज जी स्टेज पर बैठकर ही संगत को दर्शन देते थे। उस दिन दर्शनों के बाद महाराज जी स्टेज पर ही विराजमान रहे। सारी संगत ने दर्शन कर लिए और सेवा भी डाल दी। फिर भी महाराज जी स्टेज पर विराजमान रहे। अब किसी सेवादार की हिम्मत नहीं हो रही जो पूछ यह पूछ लें कि महाराज जी अब आप कैसे बैठे हो, अब तो सारी संगत को दर्शन हो गये हैं।

फिर बड़ी हिम्मत करके एक बुजुर्ग सेवादार ने महाराज जी से पूछा, महाराज जी आप अभी तक कैसे बैठे हों, क्या हमसे कोई गलती हो गयी है जी ? और अब तो सारी संगत को दर्शन भी हो गये हैं ।
तब महाराज जी ने कहा, नहीं अभी एक संगत को दर्शन नहीं हुए हैं ।
वो भाई उस पीपल के पास बैठे है। जाओ उनसे कहो कि आपको दर्शन और सेवा डालने के लिए महाराज जी बुला रहे हैं। तब सेवादार भाई उनके पास गये और उसको महाराज जी की बात बताई। तब उस भाई ने महाराज जी के दर्शन किए और अपनी सेवा डाली। अब इस घटना को देखकर सभी सेवादार भाई बहनों में बातें होने लगी कि इसकी सेवा में ऐसी कौन सी बात है कि जिसके लिए स्वयं…