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Showing posts from October, 2016

गुरु का स्थान

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एक राजा था… उसे पढने लिखने का बहुत शौक था. एक बार उसने मंत्री-परिषद् के माध्यम से अपने लिए एक शिक्षक की व्यवस्था की. शिक्षक राजा को पढ़ाने के लिए आने लगा. राजा को शिक्षा ग्रहण करते हुए कई महीने बीत गए, मगर राजा को कोई लाभ नहीं हुआ. गुरु तो रोज खूब मेहनत करता थे परन्तु राजा को उस शिक्षा का कोई फ़ायदा नहीं हो रहा था. राजा बड़ा परेशान, गुरु की प्रतिभा और योग्यता पर सवाल उठाना भी गलत था क्योंकि वो एक बहुत ही प्रसिद्द और योग्य गुरु थे. आखिर में एक दिन रानी ने राजा को सलाह दी कि राजन आप इस सवाल का जवाब गुरु जी से ही पूछ कर देखिये. राजा ने एक दिन हिम्मत करके गुरूजी के सामने अपनी जिज्ञासा रखी, ” हे गुरुवर , क्षमा कीजियेगा , मैं कई महीनो से आपसे शिक्षा ग्रहण कर रहा हूँ पर मुझे इसका कोई लाभ नहीं हो रहा है. ऐसा क्यों है ?” गुरु जी ने बड़े ही शांत स्वर में जवाब दिया, ” राजन इसका कारण बहुत ही सीधा सा है…” ” गुरुवर कृपा कर के आप शीघ्र इस प्रश्न का उत्तर दीजिये “, राजा ने विनती की. गुरूजी ने कहा, “राजन बात बहुत छोटी है परन्तु आप अपने ‘बड़े’ होने के अहंकार के कारण इसे समझ नहीं पा रहे हैं और परेशान और दुख…

प्रार्थना का प्रभाव….

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राधा सवामी जी
*यह घटना बरोडा के एक वरिष्ठ डॉक्टर की आप बीती है जिसने उनका जीवन बदल दिया। वह heart specialist हैं।उनके अनुसार:*
*एक दिन मेरे पास एक दंपति अपनी छः साल की बच्ची को लेकर आए।निरिक्षण के बाद पता चला कि उसके heart में पूर्ण रूप से clogging हो चुकी है।मैंने अपनी पूरी team से discuss करने के बाद उस दंपति से कहा कि 30% chance है survival का open heart surgery के बाद नहीं तो बच्ची के पास तीन महीने का समय है।माता पिता भावुक हो कर बोले कि वह surgery का chance लेगें।*
*सर्जरी के पांच दिन पहले बच्ची को admit कर लिया गया।उसकी माँ को प्रार्थना में अटूट विश्वास था।वह सुबह शाम बच्ची को यही कहती कि God lives in ur heart..वह तुम्हें कुछ नहीं होने देंगे।*
*सर्जरी के दिन मैंने उस बच्ची से कहा; don’t worry u will be alright after surgery..उसने कहा डाक्टर I am not worried coz God is in my heart पर surgery में आप जब मेरा heart open करोगे तो देखकर बताना God कैसे दिखते हैं।*
*ऑपरेशन के दौरान पता चल गया कि कुछ नहीं हो सकता।*



Also read - संतो की मौज
*बच्ची को बचाना असंभव है।heart में bloo…

संतो की मौज

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संतो की मौज

सन्तों की अपनी ही मौज होती है! एक संत अपने शिष्य के साथ किसी अजनबी नगर में पहुंचे। रात हो चुकी थी और वे दोनों सिर छुपाने के लिए किसी आसरे की तलाश में थे। उन्होंने एक घर का दरवाजा खटखटाया, वह एक धनिक का घर था और अंदर से परिवार का मुखिया निकलकर आया।
वह संकीर्ण वृत्ति का था, उसने कहा – “मैं आपको अपने घर के अंदर तो नहीं ठहरा सकता लेकिन तलघर में हमारा स्टोर बना है। आप चाहें तो वहां रात को रुक सकते हैं, लेकिन सुबह होते ही आपको जाना होगा।” वह संत अपने शिष्य के साथ तलघर में ठहर गए। वहां के कठोर फर्श पर वे सोने की तैयारी कर रहे थे कि तभी संत को दीवार में एक दरार नजर आई। संत उस दरार के पास पहुंचे और कुछ सोचकर उसे भरने में जुट गए। शिष्य के कारण पूछने पर संत ने कहा-“चीजें हमेशा वैसी नहीं होतीं, जैसी दिखती हैं।”
अगली रात वे दोनों एक गरीब किसान के घर आसरा मांगने पहुंचे। किसान और उसकी पत्नी ने प्रेमपूर्वक उनका स्वागत किया। उनके पास जो कुछ रूखा-सूखा था, वह उन्होंने उन दोनों के साथ बांटकर खाया और फिर उन्हें सोने के लिए अपना बिस्तर दे दिया। किसान और उसकी पत्नी नीचे फर्श पर सो गए।…

लाहौर के लड़के की साखी

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लाहौर के लड़के की साखी…
एक लाहौर का लड़का था,सत्संगी तथा प्रेमी जीव था। बरमा गया हुआ था,जब वर्मा की लड़ाई शुरू हुई तो सतगुरु का ध्यान लगाने लगा। उस समय जहाज के टिकट नहीं मिलते थे।सतगुरु ने दर्शन दिए। कहा- “तू चल, टिकट मिल जायेगा पर जब दो जहाज निकल जायेगे तब तीसरे में बैठना। वह चल पड़ा, बेचारा जब पहुचा तो जहाज तैयार था टिकट मिल गया। जब चढ़ने लगा तो हजूर एक अगे्ज के रूप में आकर कहने लगे – देखो इस में मत बैठो,इस में जगह नहीं हैं।मन बुरी के बसा था, कहने लगा- साहिब इस में जगह है।लेकिन फिर भी उन्होंने उस में नहीं बैठने दिया।इस के बाद दूसरा जहाज आ गया।उस में भी एक फौजी अफसर के रूप में प्रकट हो कर उस के बहुत जोर लगाने पर भी नही बैठने दिया। जब तीसरा जहाज आया तो कहने लगे बैठ जा ठीक से पहुंच जाएगा कोई तकलीफ नहीं होगी। जब मैं जहाज में बैठ गया तो नीद आ गई स्वप्न में सतगुरु ने दर्शन दिए और कहा -देखो मैने जो किया तुम्हारे भले के लिए किया।तुझेअभी पता चल जाएगा वह दोनों जहाज डूब जाने हैं। थोड़ा सा डालेगा तो यह भी लेकिन सही सलामत जायेगा, तुम घबराना मत। तभी थोड़ी देर पश्चात मालूम हुआ कि जो …