बकरा और आदमी

एक आदमी बकरा काट रहा था,तभी बकरा हंसने लगा,आदमी बोला, मैँ तुझे काट रहा हूं, और तू हंस रहा है
बकरा बोला - ये सोच कर हंस रहा हूं कि मैँ तो जिँदगी भर घास खाता रहा, फिर भी मुझे इतनी दर्द नाक मौत मिल रही है,तूने तो जिंदगी भर दूसरोँ को मारकर खाया है,तेरी मौत कितनी दर्दनाक होगी ।
मित्रों जीयो और जीने दो
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