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Sundar kahani। क्यों दिया जज ने पत्नी को तलाक। Maa ka sath de।

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एक बार ये वृतान्त को गौर से पढ़ें

एक *जज अपनी पत्नी को क्यों दे रहे हैं तलाक???*।
*""रोंगटे खड़े"" कर देने वाली स्टोरी* को जरूर पढ़े और लोगों को शेयर करें।

⚡कल रात एक ऐसा वाकया हुआ जिसने मेरी *ज़िन्दगी के कई पहलुओं को छू लिया*.
करीब 7 बजे होंगे,
शाम को मोबाइल बजा ।
उठाया तो *उधर से रोने की आवाज*...
मैंने शांत कराया और पूछा कि *भाभीजी आखिर हुआ क्या*?
उधर से आवाज़ आई..
*आप कहाँ हैं??? और कितनी देर में आ सकते हैं*?
मैंने कहा:- *"आप परेशानी बताइये"*।
और "भाई साहब कहाँ हैं...?माताजी किधर हैं..?" "आखिर हुआ क्या...?"
लेकिन
*उधर से केवल एक रट कि "आप आ जाइए"*, मैंने आश्वाशन दिया कि *कम से कम एक घंटा पहुंचने में लगेगा*. जैसे तैसे पूरी घबड़ाहट में पहुँचा;
देखा तो भाई साहब [हमारे मित्र जो जज हैं] सामने बैठे हुए हैं;
 *भाभीजी रोना चीखना कर रही हैं* 12 साल का बेटा भी परेशान है; 9 साल की बेटी भी कुछ नहीं कह पा रही है।

मैंने भाई साहब से पूछा कि *""आखिर क्या बात है""*???

*""भाई साहब कोई जवाब नहीं दे रहे थे "…

भगत कबीर की बेटी की शादी। Kabeer ji ki beti ki shadi। Radha soami sakhi

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भगत कबीर जी की बेटी की शादी का समय नजदीक आ रहा था।
सभी नगर  वासीयों में कानाफूसी चल रही थी।

कि देखो कबीर की बेटी की शादी है,और इनको कोई फिक्र ही नहीं।पता नहीं यह बरातियों की आवभगत कर भी पाएँगे या नहीं, ।

उधर किसी ने लड़के वालों के कानों तक यह बात पहुँचा दी कि कबीर ने न तो अभी तक शादी की कोई तैयारी की है ,और न ही दान दहेज का कोई इंतजाम किया है।

जैसे जैसे वक्त बितता गया,लोगों की सुगबुगाहट तेज हो गई।

इतने में शादी का दिन भी आ गया।पूरा गाँव विवाह स्थल की और चल पड़ा ,

कुछ तो ऐसै लोग भी थे जो सिर्फ यह देखने के लिए गये कि कबीर जी की पगड़ी उछलते देखें सकें ।


लेकिन कबीर जी सुबह पहले पहर ही घर से दूर एक टीले के पीछे जा के भजन बंदगी में बैठ गये।

मालिक से अरदास करने लगे ,

    हे परम पिता परमेश्वर आपने मुझे जिस मकसद के लिए भेजा है,मैं तो उसी में लीन हूँ, बाकि आप ही संभाले ।

खैर शाम होते होते भजन बंदगी में बैठे कबीर जी के कानों में आवाजें आनी शुरू हुईं,  धन्य है कबीर धन्य हैं कबीर,,

कबीर जी ने आँखें खोलकर देखा कि कुछ गाँव वाले वहाँ से गुजर रहे हैं ।
कबीर जी ने अपनी दोशाला से मुँह ढका और उनसे पूछा ,…

Kahani Shakir aur Faqeer ki | शाकिर और फकीर की कहानी।

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🙏🙏 एक फकीर अरब मे हज के लिए पैदल निकला। रात हो जाने पर एक गांव मे शाकिर नामक व्यक्ति के दरवाजे पर रूका। शाकिर ने फकीर की खूब सेवा किया। दूसरे दिन शाकिर ने बहुत सारे उपहार दे कर बिदा किया। फकीर ने दुआ किया -"खुदा करे तू दिनों दिन बढता ही रहे..🙏🙏 🙏🙏 सुन कर शाकिर हंस पड़ा और कहा -"अरे फकीर! जो है यह भी नहीं रहने वाला है"। यह सुनकर फकीर चला गया..🙏🙏 🙏🙏 दो वर्ष बाद फकीर फिर शाकिर के घर गया और देखा कि शाकिर का सारा वैभव समाप्त हो गया है। पता चला कि शाकिर अब बगल के गांव में एक जमींदार के वहां नौकरी करता है। फकीर शाकिर से मिलने गया। शाकिर ने अभाव में भी फकीर का स्वागत किया। झोपड़ी मे फटी चटाई पर बिठाया । 🙏

Saakhi- क्या हुआ जब मोची से भगवान ने मिलने का वादा किया

🙏 🙏🙏 खाने के लिए सूखी रोटी दिया.. दूसरे दिन जाते समय फकीर की आखों मे आंसू थे। फकीर कहने लगा अल्लाह ये तूने क्या किया? शाकिर पुनः हंस पड़ा और बोला -"फकीर तू क्यों दुखी हो रहा है? महापुरुषों ने कहा है -"खुदा इन्सान को जिस हाल मे रखे खुदा को धन्यवाद दे कर खुश रहना चाहिए।समय सदा बदलता रहता है और सु…

Kya Hua Jab Bhagwan Ne Mochi Se Milne Ka Wada Kiya | Radha Soami Sakhi

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Superb Sakhi

एक  समय  मोची  का  काम  करने  वाले  व्यक्ति  को रात  में  भगवान  ने  सपना दिया  और  कहा  कि  कल सुबह  मैं  तुझसे  मिलने  तेरी दुकान  पर  आऊंगा

मोची  की  दुकान  काफी छोटी  थी  और  उसकी आमदनी  भी  काफी  सीमित थी। खाना  खाने  के  बर्तन  भी  थोड़े  से  थे। इसके बावजूद  वो  अपनी  जिंदगी  से  खुश  रहता  था

एक  सच्चा, ईमानदार  और परोपकार  करने  वाला  इंसान  था। इसलिए  ईश्वर  ने उसकी  परीक्षा  लेने  का  निर्णय  लिया

मोची  ने  सुबह  उठते  ही तैयारी  शुरू  कर  दी। भगवान  को  चाय  पिलाने  के लिए  दूध, चायपत्ती  और नाश्ते  के  लिए  मिठाई  ले आया। दुकान  को  साफ  कर वह  भगवान  का  इंतजार करने  लगा। उस  दिन  सुबह से  भारी  बारिश  हो  रही  थी। थोड़ी  देर  में  उसने  देखा  कि  एक  सफाई  करने वाली  बारिश  के  पानी  में भीगकर  ठिठुर  रही  है
मोची  को  उसके  ऊपर  बड़ी दया  आई  और  भगवान  के लिए  लाए  गये  दूध  से उसको  चाय  बनाकर पिलाई

दिन  गुजरने  लगा। दोपहर बारह  बजे  एक  महिला  बच्चे  को  लेकर  आई  और कहा  कि  मेरा  बच्चा  भूखा  है  इसलिए  पीने  के  लिए  दूध  चाहिए। मोची  ने  सारा दूध  उ…

Latest Satsang dera beas 24-June-2018| सत्संग डेरा ब्यास

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Satsang dera beas 24-June-2018

सत्संग डेरा ब्यास

जो जो ब्यास नहीं जा सका वो सत्संग यहां पढ़ो जी। और अपने प्रिय जनो के साथ शेयर भी करो जी।

Published by- RadhaSoamiSakhi.org

बाबाजी ने स्टेज पर आते ही अपने स्वभाव अनुसार संगत को प्रणाम किया और संगत पर वो रूह को झझकोर देने वाली दृष्टि डाली।

प्रत्येक रूह उसके दर्शन को पाकर हर्षोल्लास से गदगद हो रही थी, जो कि संगत के चेहरे से साफ साफ देखा जा सकता था।



बाबाजी ने इस बार हुज़ूर तुलसी साहिब की ग़ज़ल " दिल का हुजरा साफ कर, जाना के आने के लिए" ली और बहुत ही खूबसूरत तरीके से व्याख्या की।



-सत्संग के कुछ अंश

शब्द- दिल का हुजरा साफ कर, जाना के आने के लिए। ध्यान गैरों का उठा उसके बिठाने के लिए।



बाबाजी- शब्द धुन या शब्द प्रकाश सबके अंदर निरंतर बज रहा है, हमारे और शब्द के बीच बारीक से पर्दा है वो है मन का। मन दुनियावी लज्जतों में इतना खो चुका है कि उसे उस धुन का ख्याल ही नही है।

हमारा मन मैला हो चुका है, और जैसे किसी मैले बर्तन में कुछ भी डालो वो गंदगी का हिस्सा बन जाती है ठीक वैसे ही अगर इस मैले मन मे प्रभु कृपा कर भी दें तो वो भी गंदगी और मैल का ह…

बेरुचि से ही सही, बैठो तो सही | Beruchi se hi sahi, baitho to sahi|

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एक समय की बात है, प्रतापगढ़ के राजा की कोई संतान नहीं थी. लेकिन राज्य को आंगे बढ़ाने के लिए एक उतराधिकारी की जरुरत थी. इसलिए राजा ने एक फैसला किया कि वह अपने ही राज्य से किसी एक बच्चे को चुनेगा जो उसका उत्तराधिकारी बनेगा….

इस इरादे से राजा ने अपने राज्य के सभी बच्चों को बुलाकर यह घोषणा की कि वह इन बच्चों में से किसी एक को अपना उत्तराधिकारी चुनेगा…
उसके बाद राजा ने उन बच्चो को एक एक थैली बंटवा दी और कहा….. कि आप सब लोगो को जो थैली दी गई है उसमे अलग-अलग फूलों का बीज हैं.. हर बच्चे को सिर्फ एक एक बीज ही दिया गया है… आपको इसे अपने घर ले जाकर एक गमले में लगाना है… और 6 महीने बाद हम फिर इस आप सब के इस गमले के साथ यहीं इकठ्ठा होंगे और उस समय मैं फैसला करूँगा की कौन इस राज्य का उत्तराधिकारी बनेगा…

उन लडकों में एक ध्रुव नाम का लड़का था, बाकी बच्चो की तरह वो भी बीज लेकर ख़ुशी-ख़ुशी अपने घर वापस आ गया… उसी दिन घर जाकर उसने एक गमले में उस बीज को लगा दिया और उसकी अच्छे से देखभाल की… दिन बीतने लगे, लेकिन कई हफ्ते बाद भी ध्रुव के गमले में पौधे का कोई नामोनिशान नही आया…. वहीं आस पास के कुछ बच्चों के गमलों…

Saakhi- Sabse Jyada Bojh Kon Uthata hai ??

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Padhiye ye khoobsurat sakhi maharaj ji ke vachan.
Read this beautiful and inspirational radha soami sakhi.
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